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लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने अपना पूरा जीवन आम जनता की सेवा के लिए समर्पित किया: उद्योग मंत्री देवांगन

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि पुण्यश्लोका, लोकमाता, न्यायप्रिय शासिका देवी अहिल्याबाई होल्कर के लिए उनकी जनता का हित सर्वाेपरि था। उनका सारा जीवन संघर्षाे में बीता, किन्तु उन्होंने अपने सिद्धांतों व आदर्शों के साथ कभी समझौता नहीं किया, देवी अहिल्याबाई एक धर्मप्रिय व न्यायप्रिय शासिका थी, जब न्याय करने की बात आई तो उन्होने अपने पुत्र को भी दण्डित किया। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि देवी अहिल्याबाई जैसी महान हस्तियां सदैव अमर रहती हैं, उनके शरीर का अवसान अवश्य हो जाता है किन्तु उनके महान कार्य, उनकी यशोगाथा सदैव जिंदा रहती है।

इस आशय के विचार उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आज नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा आयोजित देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा घण्टाघर स्थित सियान सदन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के महान कार्यों की बदौलत आज हम 300 साल बाद भी उन्हें पूरी श्रद्धा व गरिमा के साथ याद कर रहे हैं, देवी अहिल्याबाई ने अपने शासन के दौरान जनता के हितों के सर्वाेच्च स्थान पर रखा तथा जनता के लिए अपना सब कुछ समर्पित करने के लिए वे संकल्पित रहती थी, मैं इस मौके पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धासुमन अर्पित करता हॅूं। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने सियान सदन के विस्तार के संबंध में कहा कि’’ हमने बनाया है – हम ही संवारेंगे’’ की तर्ज पर निश्चित रूप से सियान सदन का विस्तार किया जाएगा, यहां सुविधाएं बढ़ाई जाएगी, उन्होंने कहा कि सदन के वरिष्ठ नागरिकों की इच्छा का सम्मान करते हुए सियान सदन में ए.सी. की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, आगे भी वरिष्ठ नागरिकों की इच्छा का मान रखते हुए उनकी इच्छा के हिसाब से सियान सदन का विस्तार किया जाएगा।

महापौर संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि रानी अहिल्याबाई अपनी प्रजा का पालन अपने संतान के समान करती थी, वे प्रजा के सुख-दुख का पूरा ध्यान रखती थी। उन्होंने कहा कि वीरांगना, पुण्यश्लोका, लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर एक ऐसी बेटी जिसने अपने पिता की उम्मीदों को साकार किया, एक ऐसी पत्नी जिसने अपने पति के आदर्शाे को अपने जीवन का संकल्प बना लिया, एक ऐसी रानी जिसने अपनी प्रजा को ही अपने संतान के रूप में देखा और एक ऐसी शासिका जिसने शत्रुओं को दिखा दिया कि स्नेह और प्रेम जहां एक स्त्री को समर्पण की मूर्ति बना देता है। इस मौके पर वरिष्ठ नागरिक श्री राजेश सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया तथा देवी अहिल्याबाई होल्कर के महान कार्यों का स्मरण किया।

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