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पारदर्शी एवं सुगम धान खरीदी व्यवस्था ने बढ़ाया किसानों का विश्वास

सटीक तौल, समयबद्ध भुगतान और माइक्रो एटीएम सुविधा से कृषकों को बड़ी राहत

उपार्जन केंद्र में धान बेचना सुविधाजनक एवं आसान : किसान भारत पुरले

किसानों को बेहतर एवं पारदर्शी खरीदी व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मुंगेली जिले में धान खरीदी सुव्यवस्थित, निष्पक्ष और पूर्णतः किसान-हितैषी वातावरण में जारी है। जिले की 66 प्राथमिक समितियों के 105 उपार्जन केंद्रों में निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है, जिसमें किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

सभी उपार्जन केंद्रों में टोकन व्यवस्था, उच्च गुणवत्ता की जांच, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें, पेयजल, छाया, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, जिससे किसानों को बिना लंबी प्रतीक्षा के कतारमुक्त, सहज और पारदर्शी प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है। धान की खरीदी के साथ ही उपार्जन केंद्रों में माइक्रो एटीएम सेवा उपलब्ध कराई गई है, जहाँ किसान एटीएम कार्ड या चेक बुक से अपनी राशि तुरंत प्राप्त कर रहे हैं, जिससे भुगतान में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

गीधा उपार्जन केंद्र पर धान विक्रय करने पहुंचे ग्राम कपुवा के किसान भारत पुरले ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 66 क्विंटल से अधिक धान का विक्रय किया है। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पहले से अधिक पारदर्शी और सरल है। उपार्जन केंद्र में धान बेचना सुविधाजनक एवं आसान है। टोकन व्यवस्था से लाइन में खड़े होने की परेशानी समाप्त हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों से तौल पूरी तरह सटीक और निष्पक्ष हो रही है। भुगतान प्रक्रिया भी पहले से कई गुना तेज़ और सुगम हुई है। समितियों में लगे माइक्रो एटीएम से राशि निकालने में बिल्कुल भी दिक्कत नहीं आती। उन्होंने आगे बताया कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी एवं ₹3100 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत आधार प्रदान किया है। साथ ही धान की उठाव प्रक्रिया भी तेजी से संचालित होने के कारण उपार्जन केंद्रों में व्यवस्था और बेहतर हो गई है।

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