36 गढ़ीFEATUREDLatestराष्ट्रीयविविध

सूरजपुर में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह, पॉक्सो और साइबर अपराधों के प्रति किया जागरूक

जिला कलेक्टर रेना जमील के निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल के मार्गदर्शन में जिले के स्कूलों और महाविद्यालयों में बालिका शिक्षा, बाल विवाह रोकथाम, बाल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता विषयों पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, देवनगर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह करना, कराना या उसमें सहयोग करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दो वर्ष तक की जेल और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने अभिभावकों से बालिकाओं की शिक्षा पूरी होने के बाद ही विवाह करने की अपील की।

जायसवाल ने पॉक्सो अधिनियम, 2012 की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के साथ छेड़छाड़, अनुचित स्पर्श, अश्लील हरकत, पीछा करना या अश्लील सामग्री दिखाना गंभीर एवं गैर-जमानती अपराध हैं। उन्होंने छात्राओं से किसी भी अप्रिय घटना की तुरंत जानकारी परिजनों या शिक्षकों को देने का आग्रह किया।

उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के लिए सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम के तहत अंधविश्वास फैलाने और प्रताड़ित करने को कानूनन अपराध बताते हुए वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में यातायात नियमों की भी जानकारी दी गई और नाबालिगों को बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाने की हिदायत दी गई।

Related Articles

Back to top button