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बच्चों ने रंगों में उकेरी विकसित भारत की तस्वीर, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बढ़ाया उत्साह

सेवा संकल्प अभियान के तहत पाटन में ड्रॉइंग एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित

विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना, कहा-आज के विद्यार्थी ही करेंगे विकसित भारत का नेतृत्व

सेवा संकल्प अभियान के तहत पाटन में ड्रॉइंग एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित

सेवा संकल्प अभियान के तहत पाटन में ड्रॉइंग एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पाटन स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ड्रॉइंग एवं रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से विकसित भारत के अपने सपनों और कल्पनाओं को जीवंत रूप दिया। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी कला, रचनात्मक सोच और प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव ने कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों द्वारा तैयार चित्रों एवं रंगोलियों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से उनकी कलाकृतियों के विषय में संवाद किया और उनकी कल्पनाशीलता एवं रचनात्मकता की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देश की प्रगति, आत्मनिर्भरता, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं तकनीक सहित विभिन्न विषयों को अपनी कलाकृतियों में स्थान दिया। रंगोली के माध्यम से भी बच्चों ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत की अपनी कल्पना को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यालय परिसर में सजी रंग-बिरंगी कलाकृतियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और भविष्य के भारत को लेकर उनकी सोच की सुंदर झलक प्रस्तुत की।शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से विकसित भारत की सुंदर तस्वीर को कागज और रंगों पर जीवंत रूप से उकेरा है। इन कलाकृतियों में केवल रंग और आकृतियां ही नहीं, बल्कि बच्चों के सपने, उनकी सोच और देश के भविष्य को लेकर उनकी कल्पनाएं भी दिखाई देती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प देश के सामने रखा है, उसे साकार करने में युवाओं और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज के विद्यार्थी ही भविष्य के भारत का नेतृत्व करेंगे। इसलिए बच्चों में प्रारंभ से ही रचनात्मक सोच, नवाचार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।श्री यादव ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ कला, खेल, विज्ञान, तकनीक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। ऐसी गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी प्रतियोगिता में सफलता का अर्थ केवल पुरस्कार प्राप्त करना नहीं है। अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करना, दूसरे विद्यार्थियों की कला को देखना और उनसे सीखना भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सहयोग की भावना और अपनी प्रतिभा के प्रति विश्वास विकसित करते हैं।शिक्षा मंत्री श्री यादव ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानना और उसे आगे बढ़ने के अवसर देना विद्यालय एवं शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के जितने अधिक अवसर मिलेंगे, उनका आत्मविश्वास उतना ही मजबूत होगा और वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होंगे।

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