
सेवा-सेतु केन्द्र से सुशासन को मिली नई रफ्ता
सरकारी कार्यालयों के चक्कर, लंबी कतारें और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के अभाव से होने वाली परेशानियां अब धीरे-धीरे अतीत की बात बनती जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं को नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और डिजिटल रूप में पहुंचाने की पहल ने सुशासन को नई पहचान दी है। अब प्रदेश के नागरिक 441 से अधिक शासकीय सेवाओं का लाभ एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए प्राप्त कर रहे हैं।
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सहजता है। सेवा-सेतु केन्द्रों में लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही नागरिकों को उपलब्ध सभी सेवाओं की सूची और प्रत्येक सेवा के लिए आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी मिल जाती है। इससे लोगों का समय बच रहा है और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हो रही है।
डिजिटल सुविधा को और व्यापक बनाते हुए राज्य सरकार ने वॉट्सऐप आधारित सेवा प्रणाली भी शुरू की है। अब नागरिक एक निर्धारित वॉट्सऐप नंबर पर संदेश भेजकर आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-नकल तथा नाम परिवर्तन से संबंधित सेवाओं सहित सैकड़ों शासकीय सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सेवा-सेतु केन्द्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग भी किया जा रहा है। इससे कम शिक्षित और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक स्थानीय भाषा तथा वॉयस कमांड के माध्यम से भी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती दे रही है, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच की दूरी को कम कर प्रशासन को अधिक जवाबदेह और जनोन्मुख बना रही है। सेवा-सेतु केन्द्र आज तकनीक आधारित सुशासन के सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहे हैं।



