
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से श्रीमती प्रेमीन बाई ने शुरू किया जनरल स्टोर्स, हर माह हो रही लगभग 30- 40 हजार रुपए की आय
6प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना बेरोजगार युवाओं एवं इच्छुक उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। योजना से लाभान्वित ग्राम गोटाटोला निवासी श्रीमती प्रेमीन बाई कुंभकार ने बैंक ऋण की सहायता से अपना जनरल स्टोर्स व्यवसाय शुरू कर न केवल स्वरोजगार की राह चुनी, बल्कि अपने परिवार के लिए आर्थिक संबल भी बनी हैं।
श्रीमती प्रेमीन बाई कुंभकार ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश शुरू की थी। इसी दौरान उन्हें दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से संपर्क कर योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में आवेदन प्रस्तुत किया। विभाग द्वारा उनका प्रकरण संबंधित ग्रामीण बैंक गोटाटोला को भेजा गया। बैंक द्वारा प्रकरण स्वीकृत करते हुए 5 लाख रुपए का ऋण प्रदान किया गया।
ऋण राशि का उपयोग कर श्रीमती प्रेमीन बाई ने अपने गांव में जनरल स्टोर्स की शुरुआत की। आज उनका व्यवसाय बेहतर ढंग से संचालित हो रहा है और उन्हें इससे लगभग 30- 40 हजार रुपए प्रतिमाह आय प्राप्त हो रही है। व्यवसाय के माध्यम से वे अपने परिवार के भरण-पोषण एवं आजीविका को मजबूती प्रदान कर रही हैं। साथ ही, उन्होंने अपनी दुकान में एक व्यक्ति को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। श्रीमती प्रेमीन बाई कुंभकार बताती हैं कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। योजना के माध्यम से मिले ऋण एवं मार्गदर्शन से उनका स्वरोजगार का सपना साकार हुआ है। अब वे भविष्य में अपने व्यवसाय का विस्तार कर अधिक लोगों को रोजगार देने की इच्छा रखती हैं। उन्होंने योजना के संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया।
संघर्ष से सफलता तक, युवाओं के लिए बनी प्रेरणा की मिसाल
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम केवल ऋण उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि बेरोजगार युवाओं एवं इच्छुक उद्यमियों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। श्रीमती प्रेमीन बाई कुंभकार की सफलता एक प्रत्यक्ष उदाहरण है कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से स्वरोजगार के सपने को हकीकत में बदला जा सकता है।




