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बस्तर म विकास के अब नए बिहान

सुकमा जिला के भीतर के अतिसंवेदनशील क्षेत्र मं बसे पूवर्ती गाांव एक बखत नक्सलियन के सबसे सुरक्षित ठिकाना रहिस। एक करोड रुपए के ईनामदार नक्सली हिड़मा अउ टेकलगुड़ा कैंप बनवात मं नक्सली हमला के घटना के मास्टरमाइंड देवा के ये पैतृक गाांव हवय जेनसे ये हमेशा चर्चा मं रहिस। माओवादियन के प्रभाव मं होए बर पूवर्ती गाांव मं सरकार के योजना नइ पहुंच पाइन, लेकिन अब ये गाांव मं सुरक्षा कैम्प खुल जाथे से एखर लोगन ल जल्दी से मूलभूत सुविधा सुलभ होय लगिस।

आदिवासी बहुल आबादी, अनुपम नैसर्गिक सुंदरता अउ प्राकृतिक संसाधन से भरपूर बस्तर म आज विकास के सबसे बड़े बाधा है नक्सली हिंसा। पिछले 3 दशक म नक्सलियन इहाँ अपन पैर पसारे हे। बंदूक के दम पर हिंसा के संग विकास कार्य म बाधा डाले हे। नक्सलियन अपन झूठा, खोखला सिद्धांत के जरिए लंबे समय तक भोले-भाले आदिवासियान ल भ्रम म डारे, हिंसा के सहारा लेके उंकर डराए के कोशिश करे। बच्चा मन ले उंकर स्कूल छीने, उंकर बचपन छीने अउंला हिंसा के रास्ता म धकेले। कई परिवार ल बर्बाद करे, सुहागन मन के सिंदूर उजाड़े, बेटियन ल अगवा करे अउंला भी हिंसा के रास्ता म ले गए। येइसे करके संसाधन से परिपूर्ण बस्तर ल देश के सबसे पिछड़ा इलाका म एक होय के कलंक लग गे। बाकी अब छत्तीसगढ़ म मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाला सरकार दृढ इच्छाशक्ति के साथ विकास के ये बाधा ल पूरी तरह से खत्म करे म डटी हवे।

बस्तर मं विकास के अब नवा सबेरा होए वाला हे। हां नक्सली मन के कमर टूट चुके हे। लोगन ला अब खुशहाल बस्तर मिलही। पुलिस अऊ सुरक्षाबल के जवान मन पूरा हौंसला के संग नक्सल मोर्चा मं डटे रहिही अऊ अब जल्दीच नक्सली मन के समूल अंत होही।

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