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सेवा संकल्प’ से सशक्त हुई ग्रामीण महिलाएं, गौरी समूह ने पानी पाउच निर्माण से गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई गाथा

’सेवा संकल्प’ से सशक्त हुई ग्रामीण महिलाएं, गौरी समूह ने पानी पाउच निर्माण से गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई गाथा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के निस्वार्थ सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के संकल्पों को समर्पित ’सेवा संकल्प’ अभियान आज ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन का नया माध्यम बन रहा है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय सहयोग के बल पर दुर्ग जिले की ग्रामीण महिलाएं संगठित होकर न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन रही हैं। इसी कड़ी में ’गौरी महिला स्व-सहायता समूह’ ने सामूहिक प्रयास और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की एक मिसाल कायम की है।

दुर्ग विकासखंड के अंतर्गत रिसामा की 12 ग्रामीण महिलाओं को जोड़कर ’गौरी महिला स्व-सहायता समूह’ का गठन किया गया था। नियमित बचत और छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत करने के बाद समूह ने अपने कदम आगे बढ़ाए। आजीविका को विस्तार देने के उद्देश्य से समूह ने क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) से लगभग 60 हजार की वित्तीय सहायता प्राप्त की और पानी पाउच निर्माण मशीन की खरीदी की। समूह की महिलाओं ने स्वयं उत्पादन, पैकिंग और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते हुए व्यवसाय का सफल संचालन शुरू किया।

शुरुआती दौर में समूह की मासिक आय लगभग 10 हजार रूपए थी। और आज समूह की मासिक आय बढ़कर लगभग 20 हजार रूपए तथा वार्षिक आय 2.40 लाख रूपए से अधिक तक पहुँच गई है। गौरी महिला स्व-सहायता समूह की यह सफलता दर्शाती है कि ’सेवा संकल्प’ और सुशासन की नीतियां किस प्रकार ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। अपने श्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक निर्णय क्षमता के बल पर आजीविका को मजबूती देने वाली इन 12 महिलाओं की यह प्रेरक यात्रा आज पूरे गांव के लिए स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है।

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