
अचानकमार टाईगर रिजर्व के वनांचल ग्राम सुरही के रामलाल ने बनाया आर्थिक उन्नति का जरिया
185 बकरियों के पालन से हर वर्ष प्राप्त कर रहे लगभग 01 लाख रुपए की आय

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आज आजीविका का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर मुंगेली जिले के ग्राम सुरही निवासी श्री रामलाल लकड़ा ने बकरी पालन को अपनी आर्थिक उन्नति का आधार बनाया है। श्री रामलाल लकड़ा ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से बकरी पालन का कार्य कर रहे हैं। शुरुआत कुछ बकरियों से की गई थी, लेकिन निरंतर परिश्रम और बेहतर प्रबंधन के कारण आज उनके पास लगभग 185 बकरियां हैं। बकरी पालन से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करने में आसानी हो रही है।
रामलाल ने बताया कि बकरी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में निरंतर प्रयास और सही देखभाल से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से भी कृषि के साथ-साथ पशुपालन को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर बनने का प्रभावी माध्यम है। बकरी पालन ने उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग किया जाए तो पशुपालन जैसे व्यवसाय भी आर्थिक समृद्धि की नई राह खोल सकते हैं।




