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कारखानों में औद्योगिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को

सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने मॉक ड्रिल का आयोजन

कारखानों में औद्योगिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को

कारखानों में औद्योगिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को

राज्य सरकार के निर्देश पर कारखानों में संभावित दुर्घटनाओं की पूर्ण रोकथाम हेतु आज शुक्रवार को मेसर्स-सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड में औद्योगिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, बचाव एवं राहत कार्यों की दक्षता तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय की प्रभावशीलता का परीक्षण एवं सुदृढ़ीकरण करना है।

कार्यक्रम में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालनालय के उप संचालक श्री आशुतोष पांडे उपस्थित रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता करते हुए कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इनमें जायसवाल निको इंडस्ट्रीज के हेड एचआर श्री आलोक पांडे, रियल इस्पात के हेड एचआर श्री शिव कुमार यादव, गोदावरी इस्पात के पेलेट प्लांट हेड श्री सुधाकर तिवारी, सुरक्षा विभाग प्रमुख श्री ईशान ताम्रकार तथा आईओसीएल के अधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल का संचालन सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड के हेड-एचएसई श्री अमित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर सारडा ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री पंकज सारडा, हेड ऑपरेशन श्री मनोज शाह, पेलेट प्लांट हेड श्री कोमल धुरंधर एवं हेड एचआर श्री विवेक चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मॉक ड्रिल के दौरान कारखाने के अंतर्गत स्थापित पैलेट प्लांट में विषैली प्रोड्यूसर गैस/सीओ गैस के लीकेज के परिणामस्वरूप कार्यस्थल में नियोजित श्रमिको की संभावित दुर्घटना तथा अग्निकारक आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं, त्वरित बचाव कार्यों एवं राहत प्रबंधन का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। साथ ही कर्मचारियों एवं संबंधित विभागों के मध्य समन्वय, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा औद्योगिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं अधिकारियों ने मॉक ड्रिल की सराहना करते हुए इसे औद्योगिक सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन एवं आपदा नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास उद्योगों में सुरक्षा संस्कृति को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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