शिक्षा एक समृद्ध एवं प्रबुद्ध समाज की आधारशिला:महामहिम राज्यपाल

द्वितीय दीक्षान्त समरोह

रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में महामहिम राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ द्वितीय दीक्षान्त समरोह, 36 विद्यार्थियों को प्रदान किया गोल्ड मैडल एवं 2664 विद्यार्थियों सहित 28 शोधार्थीयों को विद्यावाचस्पति (डॉक्टर ऑफ फिलोसोफी) उपाधि प्रदान की गई…

श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षान्त समरोह 11 अक्टूबर, बुधवार को प्रात: 11:30 बजे विश्वविद्यालय के सभागार- गोविंदा कल्याण मंडपम में कुलाध्यक्ष – महामहिम राज्यपाल (छत्तीसगढ़ शासन) के सानिध्य में संपन्न हुआ | दीक्षान्त समारोह का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य श्री रविशंकर जी महाराज की पवित्र सन्निधि में कुलाध्यक्ष की अनुमति से किया गया | दीक्षान्त समारोह का शुभारम्भ शोभा यात्रा के साथ की गई, तत्प्श्चात राष्ट्रगान प्रारम्भ किया गया। दीक्षान्त समरोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्म भूषण डॉ. वी.के. सारस्वत, नीति आयोग के सदस्य, पूर्व चांसलर, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, प्रोफेसर डी.पी. सिंह- पूर्व यूजीसी अध्यक्ष, प्रो सच्चिदानंद शुक्ल, कुलपति, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, पद्मश्री – प्रो. जे.एस.राजपूत, एनसीटीई के पूर्व अध्यक्ष और एनसीईआरटी के निदेशक रहें |

महामहिम राज्यपाल (छत्तीसगढ़ शासन),कुलाध्यक्ष श्री विश्वभूषण हरिचंदन द्वितीय दीक्षान्त समरोह अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने आज जब हम श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़ के दूसरे दीक्षांत समारोह का अवलोकन कर रहे हैं तो आपके सामने खड़े होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। दीक्षांत समारोह एक समय-सम्मानित परंपरा है, शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव है, और हमारे स्नातकों के जीवन में एक अनिवार्य मील का पत्थर है। यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो न केवल वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण की पराकाष्ठा का प्रतीक है बल्कि आपके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का भी प्रतीक है। आज जब मैं यहां खड़ा हूं, तो मैं रुक नहीं सकता और हमारे जीवन में और हमारे समाज की प्रगति में शिक्षा के महत्व पर विचार कर सकता हूं। शिक्षा एक समृद्ध एवं प्रबुद्ध समाज की आधारशिला है। यह व्यक्तियों को सशक्त बनाता है, क्षितिज का विस्तार करता है, और हमें ज्ञान, बुद्धिमत्ता और लचीलेपन के साथ दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है।

कुलपति प्रो. एस. के. सिंह ने द्वितीय दीक्षान्त समरोह के स्वागत उद्बोधन में सभी का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की यात्रा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्री रावतपुरा सरकार युनिवर्सिटी, की स्थापना वर्ष 2018 में परमपूज्य महाराज श्री के द्वारा हुआ था | इस जनजाति बहुल छत्तीसगढ़ के युवाओं को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगार परक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से वर्तमान में इस विश्वविद्यालय में 37 विभागों के अंतर्गत 100 से ज्यादा शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का संचालन हो रहा है, जिनके अंतर्गत इंजीनियरिंग, विज्ञान, कला, फार्मेसी, प्रबंधन एवं वाणिज्य, शिक्षा एवं लॉ में लगभग 6500 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं | 3500 से अधिक विद्यार्थी यहाँ से सफलतापूर्वक अध्ययन कर देश व राज्य के विभिन्न उपक्रमों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में विश्वविद्यालय के विद्वानों एवं कर्मठ आचार्यों ने अपनी अतिमहत्वपूर्ण भूमिका निभाई है I

विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति श्री हर्ष गौतम ने सभी उपाधि प्राप्त विद्याथियों को शपथ ग्रहण कराया एवं उन्होंने सभी उपाधि प्राप्त करता विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।

विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में पद्म भूषण डॉ. वी.के. सारस्वत, नीति आयोग के सदस्य, पूर्व चांसलर, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, श्री आशुतोष राणा- प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता, निर्देशक, निर्माता और लेखक, एवं पद्मश्री – प्रो. जे.एस.राजपूत, एनसीटीई के पूर्व अध्यक्ष और एनसीईआरटी के निदेशक को अपने अपने क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए मानद उपाधि प्रदान की गई तथा शैक्षणिक सत्र 2021-22 और 2022-23 के स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों में कुल 2664 सफल विद्यार्थियों सहित 28 शोधार्थीयों को विद्यावाचस्पति (डॉक्टर ऑफ फिलोसोफी) एवं 36 सफल विद्यार्थियों को चांसलर गोल्ड मैडल प्रदान किया गया।

कुलसचिव डॉ. सौरभ के. शर्मा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया एवं उपस्थित अतिथियों को प्रतीक चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया। द्वितीय दीक्षांत समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ किया।

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