छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के क्षेत्रीय कार्यालय अम्बिकापुर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम थीम अनुसार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके साथ ही कार्यालय परिसर में समस्त अधकारी व कर्मचारियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रमों में कोविड-19 महामारी के दिशा निर्देशों यथा मास्क सोशल डिस्टेंसिंग तथा सेनिटाईजेशन का पालन किया गया।
संगोष्ठी में परिस्थतिकी तंत्र की बहाली विषय पर कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी द्वारा अपने-अपने विचार व्यक्त किया गया। क्षेत्रीय अधिकारी श्री जी.पी. रबड़े ने अपने उद्बोधन में कहा कि पारिस्थतिकी तंत्र की बहाली और प्रकृतिक के साथ हमारे संबंध को पुर्नस्थापित करने सही पर्यावरण संतुलन जिसमें जीव-जन्तु, मनुष्य, पशु-पक्षी एवं पेड़ पौधों का संतुलित विकास तथा पर्यावरण के संरक्षण में ही मानव जाति का हित निहित है।
अन्य वक्ताओं द्वारा अपने उद्बोधन में पारिस्थतिकी तंत्र की बहाली पर चर्चा करते हुए प्रकृतिक के अभिन्न अंगों से हो रही छेड-छाड़ पर चिंता व्यक्त की गई तथा इस संकल्प को दोहराया गया कि हम अपने आस-पास के पर्यावरण को संतुलित रखने हेतु भरसक प्रयास करेंगे। हमारा प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पारिस्थतिकी तंत्र की बहाली और प्रकृति के साथ हमारे संबंध को पुर्नस्थापित करने पर ध्यान केन्द्रित होना चाहिए।
इस अवसर पर कार्यालय द्वारा रिंग रोड़ नमनाकला में पेट्रोल पम्प के समीप वायु मापन एवं स्थानीय स्तर पर ध्वनि स्तर मापन का कार्य किया गया तथा जनजागरूकता हेतु पम्पलेट्स, लिफलेट्स का वितरण जनसामान्य के बीच किया गया साथ ही पर्यावरण पर हो रहे दुष्प्रभाव पर जानकारी दी गयी। ध्वनि प्रदूषण मापन में जिला चिकित्सालय अम्बिकापुर के सेन्ट्रल पैथोलाॅजी लैब के पास औसत 49.4 डी.बी, अग्रसेन चैक अम्बिकापुर के पास 64.7 डी.बी, वसुधरा पार्क रेसिडेन्सी 51.5 डी.बी तथा अर्द्धशहरी औद्यौगिक क्षेत्र भगवती इण्डस्ट्रीज के पास 57.9 डी.बी ध्वनि स्तर पाया गया।