मंतरी शिव डहरिया पुछिन- साग के कतका किलो बारी के आय न…

मंतरी शिव डहरिया पुछिन- साग के कतका किलो बारी के आय न…
का साग हे, कइसे किलो देहे, बारी के हे न, तजा हवय न
मुरई के कइसे किलो हे, भाटा अउ पताल कइसे देवथ हव…
अइसने ठेठ छत्तीसगढ़ी अंदाज म नगरीय प्रसासन मंतरी सड़क म साग बेचइया के बीच पहुचके सब्जी लिन। साग भाजी बेचईया लोगन ले पूछिस कि बाजार म कोनो सुलक तो नई लेवत हे। काबर कि मुख्यमंतरी सब्बो बाजार सुलक ल खतम कर देय हे।
मंतरी अधिकारी मन ल निर्देस दिन कि कोचिया मन ले कोनो सुलक मत लेवय, संग ही सहर के मुख्य मार्ग के रोड मार्किंग अउ नगरीय निकाय के मईदान, बाजार म कोचिया-बेपारी मन के बइठे के बेवस्था जिला प्रसासन अउ नगर निगम ल निर्देस दिस।
डहरिया ह मुख्यमंतरी के निर्देस के तहत सड़क तीर म बइठया ल कोनो परेसानी मत हो, येकर बेवस्था करे के निर्देस दिस। रायपुर खरोरा के रस्ता म साग भाजी लिन। अउ कहिन कि साग ताजा रहे ले स्वाद घलो रहथे। मंतरी अपन घर बर भाटा, मुरई, नवल गोल, गोभी अउ पताल लिन।

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