स्वास्थ्य विभाग के दिसा-निर्देस के मुताबिक कोरोना वायरस जांच बर सैंपल कलेक्सन

स्वास्थ्य विभाग के दिसा-निर्देस के मुताबिक कोरोना वायरस जांच बर सैंपल कलेक्सन
बाहिर ले आने वाला मन बर क्वारेंटाइन अनिवार्य, सर्जिकल मास्क के उपयोग के बाद सही ढंग ले निपटारा जरूरी
होम-क्वारेंटाइन अउ क्वारेटाइन सेन्टर्स म रहईया लोगन नियम के कड़ाई ले पालन करे बर स्वास्थ्य विभाग के अपील
स्वास्थ्य विभाग ह होम -क्वारेटाइन अउ क्वारेंटाइन सेन्टर्स म रहईया लोगन ले नियम के कडई ले पालन करे के अपील करिस। कोविड-19 के संक्रमन रोके बर दुसर राज ले आए सबो नागरिक ल क्वारेटाइन करे जात हे। प्रवासि मन ल सासन के बनाए क्वारेंटाइन सेंटर्स या होम-क्वारेटान ले दु हफ्ता तक स्थानीय व्यक्ति के संपर्क ले अलग रखे जात हे। स्वास्थ्य बिभाग कोति ले तैनात डाक्टर के टीम क्वारेटाइन करे गेय लोगन के स्वास्थ्य के नियमित जांच अउ सर्विलांस करे जात हे।
स्वास्थ्य बिभाग के दिसा-निर्देस के मुताबिक, कोविड-19 के लक्षन वाले व्यक्ति मन के सैंपल जांच बर सकेलत हे, क्वारेटाइन म रहईया लोगन मन के लक्षन दिखे म ही कोरोना वायरस जांच बर सैंपल लिए जात हे। बाहर ले आय सबो लोगन के अपन पूरा जानकारी स्थानीय प्रसासन ल देना जारूरी हे। अईसे व्यक्ति सहरी क्षेत्र म अपन जानकारी वार्ड पार्षद ,नगर निगम के कर्मचारी या फेर संबधित पुलिस थाना म दे सकथे। ग्रामीन क्षेत्र म कोटवार,पंचायत सचिव,जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी या फेर स्थानीय थाना म जानकारी देय जा सकत हे। स्वास्थ्य बिभाग के हेल्पलाइन नंबर 104 म फोन करके जानकारी दे सकत हे।
स्वास्थ्य बिभाग ह होम -क्वारेन्टाइन म रहईया सबो लोगन ले नियम के कड़ाई ले पालन कर समाज के सुरक्षा के ध्यान रखे के अपील करे हे । नियम के उल्लघन करइया लोगन ऊपर महामारी नियंत्रन अधिनियम के तहत कारवाही होही। बिभाग ह जागरूक नागरिक, जन-प्रतिनिधि मन अउ पास म रहईया लोगन ले पुलिस ला जानकारी दे सकत हे।

मास्क लगाना जरूरी, सही तरीका ले करें सर्जिकल मास्क के निपटान- एन.जी.टी.
राज के सबो लोगन ल मास्क अउ कपड़ा ले मुंह ढ़कना अनिवार्य हे। दू तरह के मास्क पचलन म हे। कपड़ा ले मास्क के उपयोग करे के बाद ओला साबुन या फेर डिटरजेंट अउ गर्म पानी म अच्छा तरह ले धो के कम से कम पांच घंटा तक सुखाना हे। मास्क ला सुखाए के बाद पाच मिनट तक आयरन जारूर करना हें।

सर्जिकल मास्क के उपयोग 6 ले 8 घंटा तक ही करे जाना चाहि। उपयोग के बाद ऐला जला देना चाहि। एन.जी.टी. के दिसा -निर्देस के अनुसार सर्जिकल मास्क के उपयोग के बाद सेनिटाईज कर कैंची ले कांटे, जेखर से ओखर कोनो दुसर झन कर पाये । कटे हुए मास्क ल एक बंद कचरा के डब्बा म 72 घंटा रहान दो, ओखर बाद कचरा फेंक दो।

—-
अपन महातारी भाखा के गरब करव- विवेकानंद

एक बार स्वामी विवेकानंद बिदेस गए रहिस। उंखर स्वागत बर कई लोगन आय रहिन। अउ वोमन स्वामी विवेकानंद कोती हाथ मिलाय बर हाथ बढ़ाईन अउ इंग्लिस म हेलो कहिन, जेखर जवाब म स्वामी जी दुनो हाथ जोडके नमस्ते कहिन। लोगन ल लगिस की स्वामी जी ला अगरेजी नई आत होही, उंही लोगन म ले एक झन हिंदी म पूछिन ‘‘ आप कईसे हव…..? त स्वामी जी कहिन ’’आई एम फाईन थैंक यू ’’
स्वामीजी के जवाब ले लोगन ल बड़ आस्चर्य होइस अउ स्वामी जी ले पूछिन कि जब हमन आप ले अगरेजी म बात करेन त आप हिन्दी म उत्तर देव, अउ जब हमन हिन्दी म पूछिन त आप अगरेजी म कहेव, येकर का कारन हे।

तब स्वामी जी कहिन कि जब आप अपन महतारी भाखा के सम्मान करथों तब मे अपन महतारी भाखा के सम्मान करेव, तब में अपन मां के सम्मान करेव।
कोई भाई बहिनी ल अगरेजी गोठियाय या लिखे ले नई आवे त उन्ला कखरो आगु लजाय के जरूरत नए हे। फेर लाज त ओला आना चाहि, जेन ल हिन्दी नई आय। काबर के हिन्दी ही हमर राष्ट्र भाखा आय। अउ हमन ल हिन्दी आना चाहि।

का आप मन कोनो ला देखे हो जिंहा सरकारी काम उन्खर राष्ट्र भाखा ला छोड़ के कोनो अउ भाखा या अगरेजी म होवत होही, इंहा जउन बिदेस मंत्री या व्यापारी हमर देस म आथे। वो अपन भाखा म काम करथे। या भासन देथे। फेर उंखर अनुवाद हमर भाखा या अगरेजी म अनुवाद करके समझाथें।
जब वो मन अपन भाखा नई छोड़ सकय त हम हमर राष्ट्र भाखा ला छोड़ के अगरेजी म काम करे के का जरूरत हे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *