खुरहा-चपका (एफ.एम.डी.) टीकाकरण अभियान 1 जुलाई ले

गाय – गरूवा ल खुरहा-चपका (एफ.एम.डी.) रोग के संक्रमण ले बचाए बर अवइया एक जुलाई लेे विशेष टीकाकरण अभियान चलाए जाही। संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवायें ह बताइन कि सर्वागीण ग्रामीण विकास म पशुपालन के महत्वपूर्ण भूमिका हे पशुपालक मन ह दूध बेवसाय अउ खेती किसानी के काम बूता खातिर गौवंशीय अउ भैसवंशीय गाय -गरूवा पोसथे पालथे फेर विषाणुजनित संक्रामक रोग खुरहा-चपका (एफ.एम.डी.) के सेति दुधारू गाय-गरूवा मन के दूध उत्पादन क्षमता अउ बोझा डोहरइया (भारवाहक) गरूवा मन के कार्यक्षमता उपर उलट प्रभाव परथे। ये ह झटकुन (तेजी से) फैलने वाला संक्रामक रोग हरे।




भारत सरकार डाहर ले खुरहा-चपका मुक्त भारत अभियान के तहत वर्ष 2017-18 ले छत्तीसगढ़ राज्य के चयन करे गे हे। खुरहा-चपका बीमारी ले बचाए बर टीकाकरण दल ह गांव-गांव जाके तिथिवार गरूवा मन म टीकाकरण के काम करे जाही। रायपुर जिला के जम्मो पशुपालक मन ले आग्रह हे कि टीकाकरण दल ल सहयोग प्रदान कर अपन गाय गरूवा मन ल खुरहा-चपका (एफ.एम.डी.) के टीका आवश्यक रूप ले लगवावै जेकर ले उन ल ये संक्रामक बीमारी ले बचाय जा सकै।



चटकारा
भूरी भँइस:- चल न वो चैती खुरहा चपका के टीका लगवाए बर नइ जावत हस का ?
चैती कुकरी:- का बतावौ दीदी, रोज के इंजेक्षन लगा लगाके अंडा निकलवई म मोर तो चारो मुड़ा बोहा गे हे अब का टीका के काय छींका।

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