दैहान अउ चरागन म वृक्षारोपण त नरवा के होही वैज्ञानिक इलाज

शत-प्रतिशत दैहान (गौठान) अउ चरागन (चारागाह) म पौधा वितरण अउ वृक्षारोपण के चलही अभियान अउ वैज्ञानिक तरीका ले नरवा के होही ट्रीटमेंट

बिलासपुर संभाग म वृहद स्तर म वृक्षारोपण अउ नरवा, गरूवा, घुरूवा, गौठान योजना के सुचारू क्रियान्वयन बर अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग अउ जिला के प्रभारी सचिव श्री आर.पी.मंडल के अगुवई म आज संभाग स्तरीय अधिकारी मन के कार्यशाला अउ समीक्षा बइठका आयोजित होइस। बइठका म श्री मंडल ह जबर स्तर म वृक्षारोपण बर पौधा बाँटे के अभियान चालू करे अउ शत-प्रतिशत दैहान अउ चरागन म वृक्षारोपण करे के निर्देश दीन। संगे संग नरवा विकास योजना के तहत वैज्ञानिक तरीका ले नरवा के ट्रीटमेंट करे के निर्देश दीन।

निर्देशित करे गइस कि हर दैहान म कम से कम 400 अउ हर चरागन म कम से कम 2000 पेड़ लगाये जावय। लगाये गे हर पेड़ जीयत घलो रहै अइसन बेवस्था करैं।

श्री मंडल ह नदी तट म वृक्षारोपण बर पैच चिन्हांकित करे अउ उहां घन वृक्षारोपण करे बर कहिन। उन मन बताइन कि हरियर छत्तीसगढ़ योजना, मनरेगा अउ वन विभाग के विभागीय मद ले वृक्षारोपण करे जाही। जम्मो डीएफओ मन ल वृक्षारोपण बर जगह उपलब्ध कराये अउ सुरक्षा के इंतजाम करे बर कहिन।

वृक्षारोपण बर घर पहुंच सेवा उपलब्ध होही
बैठक म प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी ह बताइन कि घर में पेड़ लगाए के इच्छुक लोगन मन ल एक फोन म घर तक जाके पौधा उपलब्ध कराये जाही।

शहर मन मं बनही सिटी फारेस्ट 2 अक्टूबर तक
प्रभारी सचिव श्री मंडल ह अधिकारी मन ल निर्देश दीन कि हर जिला म 10-15 एकड़ जमीन चिन्हांकित करके सिटी फारेस्ट बनाय जाए। ये 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती तक बन जावय। ये सिटी फारेस्ट गांधी आक्सी टाउन के नाम से जाने जाही।

नरवा विकास योजना म होही नाला मन के उपचार
श्री मंडल ने बताया कि नरवा विकास योजना के तहत वैज्ञानिक तरीका ले नाला मन के उपचार करके ओला खेती अउ जलस्तर बढ़ाए बर लाभदायक बनाय जाही। उन मन अइसनहा नाला मन के चिन्हांकन करे के निर्देश दीन जेकर ले ज्यादा से ज्यादा लोगन मन ल लाभ मिलै।

बइठका म नाला मन क चयन प्रक्रिया, बेस लाईन सर्वे, ट्रीटमेंट एरिया के चिन्हांकन आदि के संबंध म प्रेजेंटेंशन प्रस्तुत करे गइस। जम्मो जिला कलेक्टर अउ डीएफओ मन वृक्षारोपण बर अपन अपन जिला मन म निर्धारित लक्ष्य के जानकारी दीन।

घुरूवा के घलो दिन बहुरथे
नरवा के घलो भाग छलकथे।
मन ले बने राहय मनखे तब
बिपत म घलो बिकास चमकथे।।

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