एक गेंगरूवा किसान के बचा देथे 7000 रूपिया

गेंगरूवा (केंचुवा) मिट्टी ल नरम बनाथे, पोला बनाथे, उपजाऊ बनाथे। गेंगरूवा (केंचुवा) के काम हे माटी के ऊपर ले तरी कोती जाना अउ तरी ले ऊपर कोती आना। गेंगरूवा ह एक दिन म तीन चार चक्कर ऊपर ले नीचे अउ नीचे ले ऊपर लगा देथे। जब केंचुवा तरी जाथे त एक छेदा बनात तरी जाथे अऊ जब ऊपर आथे त फेर एक छेदा बनात ऊपर आथे। येकर से माटी म छोटे-छोटे छेदा बनथे जेकर से माटी ह पानी के एक-एक बूंद ल अपन म समो लेथे। संगें-संग ये केंचुआ ह साल भर म 36 मीट्रिक टन माटी ल उलट-पलट कर देथे।



कहूं अतकेच माटी ल ट्रैक्टर ले उलट-पलट करना परही त सौ लीटर डीजल लागही, ड्राईवर के रोजी ल तो छोडि़च दे। 100 लीटर डीजल के अंदाजी कीमत 7000 मानन त एक अकेल्‍ला गेंगरूवा किसान के 7000 रूपिया बचाथे। जब केंचुआ एक किसान के अतका फायदा कराथे त सोंचव अइसनहे करोड़ो गेंगरूवा हमला कतका लाभ देवाही।




आप मन जानतेच होहू के माटी म रसायनिक खाद डाले ले केंचुआ मर जाथे। ये ह गोबर के खाद म ज़िंदा रहिथें काबर कि गोबर ह केंचुवा मन के भोजन ये। केंचुवा ल भोजन मिलत रहिथे त वो अपन जनसंख्या बढ़ात रहिथे। एक केंचुआ ह 50-50 हजार लइका पैदा करके मरथे। एक विशेष प्रजाति के केंचुआ हर तो 1 लाख लइका पैदा करथे। त अब समझेव गेंगरूवा (केंचुआ) किसान के सबले बड़े संगवारी ये येकर संग मितानी करव अउ येला अपन खेत म पलोवव।


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