डेयरी योजना के तहत मिले छूट के लाभ बर किसान मन ल करना होही अगोरा

छत्‍तीसगढ़ म स्वच्छ दूध उत्पादन के नजरिए ले शुरू करे गए राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के हितग्राही मन ल फिलहाल छूट के लाभ पाय बर अगोरा करना होही। फिलहाल किसान मन ल बैंक के करजा खुदे चुकाना होही। हितग्राही मन ल करीबन 15 करोड रुपिया के भुगतान करना हे। अकेला रायपुर के हितग्राही मन के करीबन एक करोड रुपये बकाया हे। ए खातिर नवा आवेदन फार्म के वितरण नइ करे जात हे।




योजना के लाभ लेने बर विधानसभा चुनाव ले पहिली पशुधन विकास विभाग रायपुर म लगभग 40 आवेदन आए रहिस। दू बछर म रायपुर संग प्रदेश भर ले लगभग 392 मनखे ए योजना ले जुरे हें। प्रदेश के सबो 27 जिला मन म नारायणपुर, दंतेवाडा, बस्तर आदि नक्सलवाद प्रभावित जिला मन ल छोडके आन जिला मन ले योजना के लाभ लेहे बर आवेदन आवत हे। ऊंखर आवेदन स्वीकृत नइ करे जात हे। विभाग के वेबसाइट ले योजना ल घलोक हटा दे गए हे। हम आप ल बता देवन के पशुधन विभाग म कुल आठ योजना चलत हे। ए वेबसाइट ले राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना गायब हो गए हे। ए योजना के नाम तो दर्ज हे, फेर एखर संबंध म कोनो जानकारी साईट म नइ हे।




योजना के बंद होए अउ बकाया राशि उपर अधिकारी मन खुलके नइ बोलत हें। उंखर कहना हे कि सत्र 2018-19 म विभाग ल मिले 15 करोड रुपिया जुन्ना हितग्राही मन ल दीए जात हे। लगभग अतकेच राशि जुन्ना हितग्राही मन ल अऊ भुगतान करे गए हे। एखर से लगत हे के विभाग म बजट के कमी हे। जानबा हे के बांचे हितग्राही मन ल खुदे बैंक के कर्जा भरना होही।



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