एक गेंगरूवा किसान के बचा देथे 7000 रूपिया

गेंगरूवा (केंचुवा) मिट्टी ल नरम बनाथे, पोला बनाथे, उपजाऊ बनाथे। गेंगरूवा (केंचुवा) के काम हे माटी के ऊपर ले तरी कोती जाना अउ तरी ले ऊपर कोती आना। गेंगरूवा ह एक दिन म तीन चार चक्कर ऊपर ले नीचे अउ नीचे ले ऊपर लगा देथे। जब केंचुवा तरी जाथे त एक छेदा बनात तरी जाथे अऊ जब ऊपर आथे त फेर एक छेदा बनात ऊपर आथे। येकर से माटी म छोटे-छोटे छेदा बनथे जेकर से माटी ह पानी के एक-एक बूंद ल अपन म समो लेथे। संगें-संग ये केंचुआ ह…

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अस्पी फार्मर ऑफ द ईयर अवॉर्ड (बागवानी श्रेणी) : भाबेन्द्र मोहन बोरगोहेन

अमेरिकन स्प्रिंग एंड प्रेसिंग वर्कस प्रा.लि. (अस्पी) पौध संरक्षण यंत्र के क्षेत्र म एक जाने पहिचाने प्रतिष्ठित नाम हे। अस्पी के पितृ पुरुष स्व. श्री लल्लूभाई पटेल अऊ अस्पी एक दूसर के पर्याय ये। सरल, सहज सादगी ले भरपूर स्व. श्री लल्लूभाई के जीवन के केवल एके लक्ष्य रहिस- खेती के विकास अऊ किसान मन के समृद्धि। उमन अपन सक्रिय जीवन म बहुत अकन गांव मन ल गोद लेके विकास के राह दिखईस, कई शिक्षण संस्था मन ल सरलग सहायता अऊ सहयोग दीस, कृषि अनुसंधान अउ शिक्षण के क्षेत्र म…

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कम पानी म घलोक देथे अच्छा पैदावार धान के किसिम DRR-44

इफको किसान, जादा पानी गिरे अउ पानी नइ गिरे दूनों स्थिति म धान के फसल मार खाथे। किसान मन ये समस्‍या ल देखत अन्तर राष्‍ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ईरी) ह धान के नवा किसिम DRR-44 के खोज करे हे। ये प्रतिकूल मौसम म घलोक अच्छा उत्पादन दे सकत हे। ये सूखा तो सहन करे सकथे संगेच बाढग्रस्त क्षेत्र मन बर घलोक बेहतर किसिम हे। धान के ये किसिम आन किसम मन ले कम नइ हे। DRR-44 किसिम के सफल प्रशिक्षण के बाद एला नेशनल राइस रिसर्च इस्टीट्यूट कटक ले जारी…

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खेती म करव लीम के उपयोग, महंगी कीटनाशक के नइये काम

लीम (नीम) के पेड़ प्रकृति के अनुपम उपहार ये। लीम ले तैयार करे गए जिनिस ले कीट नियंत्रण गजब होथे, एखर सेती लीम ले बने दवइ पूरा संसार म सबले अच्छा कीट नियंत्रण दवइ माने जाथे। फेर हमन एखर उपयोग ल भुला गए हवन। एकर फायदा अब बड़का-बड़का कम्पनी मन उठावत हें। ये कम्पनी मन एखर फर (निम्बोली) अउ पाना (पत्तियों) ले बनाये कीटनाशक दवइ ल महंगी कीमत म बेचथे। आप मन जानतेच हवव के लीम के करू गन्ध ले सबो जीव दूरिहा भाग जाथें। घेरी-बेरी रसायनिक दवई छिंचे के…

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खेती बर बहुतेच उपयोगी ये 12 प्रकार के जैविक टीका

आज कल खेती बर अड़बड़ रासयनिक खातू अऊ कीटनाशक मन के परयोग जादा करे जात हे। जऊन एक पइत तो असर करथे फेर लम्बा समय तक परयोग करे ले वो माटी के उपजाऊ शक्ति ल कम कर देथे।संगेच धीरे धीरे एकर असर घलोक कम होए लागथे। अइसन म कहूं आप मन जैविक टीका के उपयोग करहू त आप मन के फसल उत्पादन तो बाढ़हिच संगे एकर असर घलोक कइ बछर तक चलही। आवव देखन ये का ये अउ येकर ले का लाभ होथे- नील हरित शैवाल टीका: धान म बिक्‍कट…

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अब किसानी करही मोबाइल, गरूवा खेत म आही त मिलही अलर्ट

अब एग्रीकल्चर प्रोटेक्शन सिसटम (एपीएस) डिवाइस खेत मन के निगरानी करही। एला अइसे घलोक कहे जा सकत हे के अब किसान के मोबाइल म ओखर जम्‍मा किसानी आ जाही। खेत ल का खातू के जरूरत हे, फसल म कीरा पतंगा के हमला, आवारा पशु मन के खेत म आए म एलर्ट करई, माटी के आद्रता, पीएच वेल्यू अऊ तापमान के पता बताय के संग सिंचाई पूरा होए तक के जानकारी ये डिवाइस ह मोबाइल के द्वारा किसान ल बताही। ये डिवाइस चंदौली के बबुरी गांव निवासी मेरठ के आइआइएमटी विवि…

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धान ल रोग अउ कीरा ले बचाय बर करव ये उपाय

किसान महंगा बीज, खाद उपयोग करके धान के खेती करथें, अइसन म सही प्रबंधन नइ होए ले कीरा अऊ रोग मन ले अड़बड़ नुकसान उठाना परथे। ए खातिर सही समय ले एकर प्रबंधन करके नुकसान ले बचे जा सकत हे। धान के फसल ल कई ठन बीमारी जइसे धान के झोंका, भूरवा धब्बा, शीथ ब्लाइट, आभासी कंड अउ जिंक के कमी आदि के समस्या प्रमुख समस्या होथे। नुकसान पहुचइया कीरा जइसे तना छेदक, गुलाबी तना छेदक, पत्ती लपेटक, धान के फूदका अऊ गंधीबग कीरा ले नुकसान पहुंचथे। येकर उपाय हम…

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केन्द्र सरकार पीएम-आशा योजना के अन्तर्गत 43.89 लाख टन खरीदही तिलहन-दलहन

इफको किसान, केंद्र सरकार ह सितंबर 2018 म लागू दलहन, तिलहन के खरीद बर प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना के अन्तर्गत चालू रबी सीजन 2018-19 म 9 राज्य मन ले 43.89 लाख टन दलहन अउर तिलहन के खरीद के अनुमति देहे हे। नेफेड के मुताबिक चालू रबी सीजन 2018-19 म दलहन अऊ तिलहन के खरीद तेलंगाना, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र अउर हरियाणा ले करे जाही। ए राज्य मन ले चना, मूंगफली, सनफ्लावर, उडद, मूंग, मसूर अऊ सरसों के खरीद सबसे कम समर्थन मूल्य…

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कुसियार (गन्ना) के सीओ-0238 किसिम देवत हे किसान मन ल अच्छा लाभ

इफको किसान, कुसियार (गन्ना) के किसिम सीओ-0238 ल “वंडर वैरायटी ऑफ शुगरकेन” घलोक कहे जाथे। गन्ना के ये अगेती किसिम हे अउ एखर पैदावार करीबन 81 टन प्रति हैक्टेयर हे। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार अउ उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान पाछू कुछ साल ले एखर खेती करके अच्छा कमई करत हें। अभी हाल म ए किसिम के खेती पंजाब म 70 % , हरियाणा म 29 %, उत्तराखंड म 8.4 %, बिहार म 6 % अउ उत्तर प्रदेश म 19.6 % करे जात हे। सीओ-0238 किसिम के 1 क्विंटल गन्ना…

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कोंहड़ा के बिना छिलका वाले बीजा के नवा किसिम

इफको किसान, अभी तक देश म कोंहड़ा के बिना छिलका वाला बीज के आयात करे जात रहिस जेखर सेती एखर कीमत जादा होत रहिस। अब पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना कोति ले कोंहड़ा (कद्दू) के फसल के बिना छिलका के नवा बीज पीएयू मगज कद्दू 1 तैयार करे गए हे। एखर बीज ले सीधा तेल निकाले या खाए बर परयोग करे जा सकत हे। पीएयू मगज कद्दू 1, 90 दिन म तियार होवइया किसिम ये अऊ एखर ले करीबन 27 प्रतिशत तेल मिलथे। कद्दू के ए किसिम ले एक एकड म…

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