“सोलर ड्रायर” जेमां गरम हवा ले सूखाथे साग-भाजी

इफको किसान, भारत म किसान हर मौसम म मौसमी फसल मन के खेती करथे, फेर कई पइत फसल मन के ठीक ले देखभाल के कमी अउ भंडारण के उचित व्यवस्था नइ होए के सेती फसल मन खराब हो जाथे। किसान मन के ए समस्या के हल “बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान” ह “सोलर ड्रायर” मशीन बना के निकाले हे। एला “नेशनल मिशन ऑफ सस्टेनेबल एग्रीकल्चर” योजना के अन्तर्गत तैयार करे गए हे । सौर ऊर्जा ले चलइया ए मशीन म साग-भाजी मन ल गरम हवा ले सुखाके ओल खराब होए ले…

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स्टीविया के खेती करके, किसान कर सकत हें बनेच कमई

इफको किसान, आप मन जानत हवव के “स्टीविया” आयुर्वेदिक पौधा हे। जऊन ल “मीठी तुलसी” घलोक कहे जाथे। स्टीविया पौधा के मुख्य विशेषता ये हे के एखर मीठ पत्ति मन मधुमेह (सुगर) के रोगी मन बर लाभकारी हे। अभी हाल म भारतीय बाजार म ही स्टीविया ले बने करीबन 100 ले जादा समान मौजूद हे अऊ कई बड़े कंपनी मन स्टीविया के बड़ मात्रा म खरीदारी करत हें। स्टीविया के खेती भारत म पुणे, रायपुर, बैंगलोर, हरियाणा, इंदौर, अऊ उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सा म करे जात हे। एखर खेती…

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कुसियार (गन्ना) के सीओ-0238 किसिम देवत हे किसान मन ल अच्छा लाभ

इफको किसान, कुसियार (गन्ना) के किसिम सीओ-0238 ल “वंडर वैरायटी ऑफ शुगरकेन” घलोक कहे जाथे। गन्ना के ये अगेती किसिम हे अउ एखर पैदावार करीबन 81 टन प्रति हैक्टेयर हे। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार अउ उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान पाछू कुछ साल ले एखर खेती करके अच्छा कमई करत हें। अभी हाल म ए किसिम के खेती पंजाब म 70 % , हरियाणा म 29 %, उत्तराखंड म 8.4 %, बिहार म 6 % अउ उत्तर प्रदेश म 19.6 % करे जात हे। सीओ-0238 किसिम के 1 क्विंटल गन्ना…

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पेपर प्लेट बनाए के व्यापार- कम खर्चा म अच्‍छा मुनाफा

कई जगा, तिहार, मंदिर अउ कई अऊ मौका म प्रसाद देहे ले लेके जेवन कराए आदि म बउरे जात हे। ये वजन म बहुत हल्का होथे अऊ एला नष्ट घलोक आसानी ले करे जा सकत हे। धीरे-धीरे इएकर बढ़त मांग के सेती एकर उद्योग घलोक बाढ़त हे। पेपर प्लेट बनाए के व्यापार शुरू करे बर हाथ ले चले वाला मशीन, अपने अपन चलईया मशीन दूनो आथे। हाथ ले चले वाला मशीन ले व्यापार करे बर करीबन 20,000 रुपिया के अऊ अपने अपन चलईया मशीन के संग काम शुरू करे बर…

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सिंदूरी लाल पलाश

इफको किसान, जऊन ल टेसू, परसा, ढाक जइसे कई ठन नांव मन ले जाने जाथे। पलाश के फूल कुछ-कुछ मिट्ठू (तोता) के चोंच जइसन घलोक लगथे तेखर सेती एला किंशुक घलोक कहिथें। ये उत्तर प्रदेश के राजकीय फूल ये, येला भारतीय डाक टिकट म घलोक स्थान दे गए हे। पलाश के फूल मन के परयोग हर्बल रंग बनाए बर जादा करे जाथे। पलाश के फूल के अलावा एखर पत्ता, टहनी, फल अऊ जड़ के घलोक आयुर्वेदिक महत्व हे। एखर फल्‍ली मन कृमिनाशक के काम करथे। एखर फूल ले बने रंग…

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कोंहड़ा के बिना छिलका वाले बीजा के नवा किसिम

इफको किसान, अभी तक देश म कोंहड़ा के बिना छिलका वाला बीज के आयात करे जात रहिस जेखर सेती एखर कीमत जादा होत रहिस। अब पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना कोति ले कोंहड़ा (कद्दू) के फसल के बिना छिलका के नवा बीज पीएयू मगज कद्दू 1 तैयार करे गए हे। एखर बीज ले सीधा तेल निकाले या खाए बर परयोग करे जा सकत हे। पीएयू मगज कद्दू 1, 90 दिन म तियार होवइया किसिम ये अऊ एखर ले करीबन 27 प्रतिशत तेल मिलथे। कद्दू के ए किसिम ले एक एकड म…

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गेहूँ के फसल अवशेष म झन जलावव

कुछ किसान भाई गेहूँ के कटाई करे के बाद खेत म बांचे फसल अवशेष मन ल जला देथें। आप मन अइसन गलती झन करव। गेहूँ के फसल अवशेष मन ल खेते म जलाउ के सेती जमीन के तापमान बाढ़ जाथे जेखर से माटी के संरचना तो बिगड़थेच, संगें- संग जमीन म मौजूद लाभदायक जीवाणु घलोक मर जाथे। गेहूँ के कटाई करे के बाद 10 किलो यूरिया प्रति एकड़ खेत के हिसाब ले बुरकाव करके मिट्टी पलटे वाले हल ले जुताई कर देवव। जुताई कराए के बाद खेत म पानी लगा…

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