लउहे मिलही करिया गेहूं

इफको किसान, अभी हमार देश म गेहूं के सफेद किस्म ही बोये जाथे फेर अब जल्दीच हम रंगीन गेहूं के क़िस्म के खेती कर सकबोन। करीबन एक दशक के शोध के बाद मोहाली म राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (एनएबीआई) म कृषि जैव प्रौद्योगिकीविदों ह ए रंगीन गेहूं किस्म ल विकसित करे हे। अभी गेहूं के ए क़िस्म मन म शोध काम जारी हे। काला गेहूं म सामान्य गेहूं के तुलना म 28 गुना एन्थोकायनिन होथे। एनएबीआई के एक शोध म पता चले हे के काला गेहूं शरीर म वसा जमाव ल रोके म मदद कर सकत हे, ग्लूकोज के स्तर ल नियंत्रित कर सकत हे, इंसुलिन सहिष्णुता अऊ नीचे वाले रक्त कोलेस्ट्रॉल म सुधार कर सकत हे। ये मां एन्थोकायनिन होए के अलावा प्रोटीन अऊ जिंक घलोक काफी जादा स्तर म होथे। ए गेहूं के उपयोग कैंसर रोगी मन बर सकारात्मक डायट के रूप म सफल पाए गए हे। उन्‍हें डायबिटीज रोगी मन म काला गेहूं के उपयोग ले सकारात्मक परिणाम आघू आये हे। संगे च हृदय रोगी मन उपर करे गए शोध म घलोक काला गेहूं के सार्थक परिणाम मिले हे।
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