बाढ़ सकत हे सोयाबीन के रकबा

इफको किसान, खबर हवय के 2019 के अवईया खरीफ सीजन म सोयाबीन के रकबा बाढ़ सकत हे। एकर पीछू एखर बाढ़त मांग के संगें-संग एकर बाढ़त कीमतें ह कारन ये। वनस्पति तेल के आयातक देश मलेशिया, ब्राजील, अर्जेंटीना अऊ इंडोनेशिया सोयाबीन के तेल ल बढि़या कीमत म खरीद सकत हे। उन्‍हें सोयाबील के मांग जापान, बांग्लादेश, वियतनाम अऊ ईरान जइसन देश मन म बाढ़त हे। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) के मुताबिक पाछू साल 1 अकटूबर 2018 के बाद ले स्थानीय सोयाबीन के कीमत करीबन 14% बढ़के 3,716 रुपये प्रति क्विंटल रहिस। एखर से सकेले आंकड़ा के मुताबिक, 2018 के फसल साल म सोयाबीन 10.8 मिलियन हेक्टेयर म उगाये गए रहिस। ज़्यादातर किसान मानसून के शुरुआत के बाद जून के महीना म सोयाबीन, कपास अऊ दलहनी फसल मन के खेती शुरू कर देथें। सोयाबीन ल बहुत जादा बरसा पानी के जरूरत नइ परय। भले अच्छा पैदावार बर समय म बारिश के जरूरत परथे।




निजी मौसम भविष्यवक्ता स्काईमेट के मुताबिक, पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र अऊ मध्य भारत के मध्य प्रदेश छत्‍तीसगढ़ म 2019 म सामान्य ले कम वर्षा हो सकत हे। ये राज्य कुल सोयाबीन उत्पादन म लगभग 80% के भागीदारी रखथे। ईफको किसान ले https://krishijagran.com/commodity-news/india-to-grow-soybeans-on-more-land-this-crop-year/



मिल सकत हे सोयाबीन बोवाई ल बढ़ावा
इफको किसान, बिहार के उद्योग अधिकारी ह बताइस के “सोयाबीन एक मजबूत फसल हे। इहां तक कि अगर ये प्रतिकूल मौसम के स्थिति के सामना करे हे, तो … किसान मन ल आन फसल मन के जइसे कुल नुकसान नइ होवन दय। एक वैश्विक व्यापार फर्म मुंबई के एक डीलर ह कहिथे के ” भारतीय ट्रेडिंग बर ईरानी भूख बाढ़े ले सोयाबीन के कीमत मन म घलोक उछाल आए हे।” ए सब गोठ-बात अउ परिस्थिति ल देखत अनुमान हवय के किसान मन ए साल सोयबीन के बमफर फसल उबजाए के उदीम करईया हें।

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